Essay on diwali in hindi. Essay on Diwali In Hindi, English, Marathi 2019-02-18

Essay on diwali in hindi Rating: 6,5/10 634 reviews

Essay on Diwali in Hindi For Child

essay on diwali in hindi

Sa sistemang ito, nasa pagmamay-ari at kontrol ng mga pribadong indibidwal ang mga salik ng produksyon. This festival is associated with many tales and legends. पटाखों की भी काफी भरमार होती है. It is same as but with different rituals. They enjoy a lot of activities, playing games, firing crackers, puja and much more. The first day is called Dhanteras - On this day people buy new utensils or anything in gold or silver.

Next

प्रकाश पर्व दीपावली Hindi Essay on Diwali or Deepawali

essay on diwali in hindi

कहा जाता है कि दीपावली मनाने से लक्ष्मीजी प्रसन्न होकर स्थायी रूप से सदगृहस्थों के घर निवास करती हैं त्योहारों का जो वातावरण धनतेरस से प्रारम्भ होता है, वह इस दिन पूरे चरम पर आता है यह पर्व अलग-अलग नाम और विधानों से पूरी दुनिया में मनाया जाता है इसका एक कारण यह भी कि इसी दिन अनेक विजयश्री युक्त कार्य हुए हैं. फिजी में भी हिंदुओं की तरह ही पूजा-पाठ आतिशबाजी और मिठाइयों का लेन-देन किया जाता है. Diwali is one of them. Ye din hume burai pe achhai ki jeet ko darshata hai kyunki shri Ram ne is din daitya ravan ka vadh kia tha. ये पर्व कार्तिक महीने की अमावस्या के दिन मनाई जाती है। अमावस्या के दिन बहुत ही अँधेरी रात होती है जिसमें दीवाली पर्व रोशनी फ़ैला ने का काम करती है। वैसे तो इस पर्व को लेकर कई कथाये है लेकिन कहते हैं भगवान राम 14 वर्ष के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे, इस खुशी में अयोध्या वासियों ने दीये जलाकर उनका स्वागत किया था। बाजारों को दुल्हन की तरह शानदार तरीके से सजा दिया जाता है। इस दिन बाजारों में खासा भीड़ रहती है खासतौर से मिठाइयों की दुकानों पर, बच्चों के लिये ये दिन मानो नए कपड़े, खिलौने, पटाखे और उपहारों की सौगात लेकर आता है। दीवाली आने के कुछ दिन पहले ही लोग अपने घरों की साफ-सफाई के साथ बिजली की लड़ियों से रोशन कर देते है। दीवाली उत्सव की तैयारी दीवाली के दिन सब बहुत खुश रहते है एक दूसरे को बधाइयां देते है। बच्चे खिलौने और पटाके खरीदते है, दीवाली के कुछ दिन पहले से ही घर में साफ़ सफाई शुरू हो जाती है। लोग अपने घर का सज-सज्जा करते है। लोग इस अवसर पर नए कपड़े, बर्तन, मिठाइयां आदि खरीदते है। देवी लक्ष्मी की पूजा के बाद आतिशबाजी का दौर शुरु होता है। इसी दिन लोग बुरी आदतों को छोड़कर अच्छी आदतों को अपनाते है। भारत के कुछ जगहों पर दीवाली को नया साल की शुरुआत माना जाता है साथ ही व्यापारी लोग अपने नया बही खाता से शुरुआत करते है। निष्कर्ष दीपावली, हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार है। दीपों का खास पर्व होने के कारण इसे दीपावली या दीवाली नाम दिया गया। कार्तिक माह की अमावस्या को मनाया जाने वाला यह महा पर्व, अंधेरी रात को असंख्य दीपों की रौनक से प्रकाशमय कर देता है। दीवाली सभी के लिये एक खास उत्सव है क्योंकि ये लोगों के लिये खुशी और आशीर्वाद लेकर आता है। इससे बुराई पर अच्छाई की जीत के साथ ही नया सत्र की शुरुआत भी होती है। दिवाली निबंध 4 500 शब्द प्रस्तावना हिन्दुओं के लिये दीवाली एक सालाना समारोह है जो अक्तूबर और नवंबर के दौरान आता है। इस उत्सव के पीछे कई सारे धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएं है। इस पर्व को मनाने के पीछे एक खास पहलू ये है कि, असुर राजा रावण को हराने के बाद भगवान राम 14 साल का वनवास काट कर अयोध्या पहुँचे थे। ये वर्षा ऋतु के जाने के बाद शीत ऋतु के आगमन का इशारा करता है। ये व्यापारियों के लिये भी नई शुरुआत की ओर भी इंगित करता है । दीवाली के अवसर पर लोग अपने प्रियजनों को शुभकामना संदेश के साथ उपहार वितरित करते है जैसे मिठाई, मेवा, केक इत्यादि। अपने सुनहरे भविष्य और समृद्धि के लिए लोग लक्ष्मी देवी की पूजा करते है बुराई को भगाने के लिये हर तरफ चिरागों की रोशनी की जाती है और देवी-देवताओं का स्वागत किया जाता है। दीपावली पर्व आने के एक महीने पहले से ही लोग वस्तुओं की खरीदारी, घर की साफ-सफाई आदि में व्यस्त हो जाते है। दीयों की रोशनी से हर तरफ चमकदार और चकित कर देने वाली सुंदरता बिखरी रहती है। बच्चों की दीवाली इसको मनाने के लिये बच्चे बेहद व्यग्र रहते है और इससे जुड़ी हर गतिविधियों में बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेते है। स्कूल में अध्यापकों द्वारा बच्चों को कहानीयाँ सुनाकर, रंगोली बनवाकर, और खेल खिलाकर इस पर्व को मनाया जाता है। दीवाली के दो हफ्ते पहले ही बच्चों द्वारा स्कूलों में कई सारे क्रियाकलाप शुरु हो जाते है। स्कूलों में शिक्षक विद्यार्थियों को पटाखों और आतिशबाजी को लेकर सावधानी बरतने की सलाह देते है, साथ ही पूजा की विधि और दीपावली से संबंधित रिवाज आदि भी बताते है। दीपावली 5 दिनों का एक लंबा उत्सव है जिसको लोग पूरे आनंद और उत्साह के साथ मनाते है। दीपावली के पहले दिन को धनतेरस, दूसरे को छोटी दीवाली, तीसरे को दीपावली या लक्ष्मी पूजा, चौथे को गोवर्धन पूजा, तथा पाँचवें को भैया दूज कहते है। दीपावली के इन पाँचों दिनों की अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक मान्यताएँ है। परम्परा अंधकार पर प्रकाश का विजय यह पर्व लोगों के बिच में प्रेम और एक दूसरे के प्रति स्नेह ले आता है। यह व्यक्तिगत और सामूहिक दोनों रूप से मनाये जाने वाला बहुत ही महत्वपूर्ण त्यौहार है। हर प्रान्त या क्षेत्र में दीवाली मनाने के तरीके और कारण अलग है, सभी जगह यह त्यौहार पीढ़ियों से चला आ रहा है। लोगों में दीवाली की बहुत उमंग होती है। लोग अपने घरों का कोना-कोना साफ़ करते हैं, नये कपड़े पहनते हैं। लोग एक दूसरे को मिठाइयां तथा उपहार देते है, एक दूसरे से मिलते है। घरों में रंग बिरंगी रंगोलियाँ बनाई जाती है। दीपक जलाये जाते है , आतिशबाजी की जाती है। अंधकार पर प्रकाश की विजय का यह पर्व समाज में उल्लास, भाई-चारे व प्रेम का संदेश फैलाता है। निष्कर्ष दीपावली, प्रकाश का पर्व या दूसरा नाम जश्न ए चिराग आदि अनेक नामों से पुकारा जाने वाला यह पर्व प्राचीन काल से मनाया जाता रहा है। यह पर्व लगातार पांच दिनों तक मनाया जाता है, धनतेरस से शुरुआत होती है और भैयादूज तक रहता है । धनतेरस के दिन धन के देवता कुबेर की पूजा की जाती है। नरक चतुर्दशी के दिन श्रीकृष्ण द्वारा नरकासुर के वध की खुशियां मनाई जाती हैं। वास्तव में यह त्यौहार हमें अपने मन को प्रकाशित करने का संदेश देता है। दिवाली निबंध 5 600 शब्द प्रस्तावना दीवाली को रोशनी का त्योहार के रुप में जाना जाता है जो भरोसा और उन्नति लेकर आता है। हिन्दू, सिक्ख और जैन धर्म के लोगों के लिये इसके कई सारे प्रभाव और महत्तम है। ये पाँच दिनों का उत्सव है जो हर साल दशहरा के 21 दिनों बाद आता है। इसके पीछे कई सारी सांस्कृतिक आस्था है जो भगवान राम के 14 साल के वनवास के बाद अपने राज्य के आगमन पर मनाया जाता है। इस दिन अयोध्या वासियों ने भगवान राम के आने पर आतिशबाजी और रोशनी से उनका स्वागत किया। हिन्दुओं के सभी पर्वों में दीपावली का महत्व व लोकप्रियता सर्वाधिक है। दीपावली का अर्थ है दीपों की माला। महालक्ष्मी पूजा यह पर्व प्रारम्भ में महालक्ष्मी पूजा के नाम से मनाया जाता था । दीपावली के पहले दिन को धनतेरस या धन त्रेयोंदशी कहते है जिसे माँ लक्ष्मी की पूजा के साथ मनाया जाता है। इसमें लोग देवी को खुश करने के लिये भक्ति गीत, आरती और मंत्र उच्चारण करते है। दूसरे दिन को नारक चतुर्दशी या छोटी दीपावली कहते है जिसमें भगवान कृष्ण की पूजा की जाती है क्योंकि इसी दिन कृष्ण ने नरकासुर का वध किया था। ऐसी धार्मिक धारणा है कि सुबह जल्दी तेल से स्नान कर देवी काली की पूजा करते है और उन्हें कुमकुम लगाते है। कार्तिक अमावस्या के दिन समुद्र मंथन में महालक्ष्मी का जन्म हुआ। लक्ष्मी धन की अधिष्ठात्री देवी होने के कारण धन के प्रतीक स्वरूप इसको महालक्ष्मी पूजा के रूप में मनाते आये। आज भी इस दिन घर में महालक्ष्मी की पूजा होती है। तीसरा दिन मुख्य दीपावली का होता है जिसमें माँ लक्ष्मी की पूजा की जाती है, अपने मित्रों और परिवारजन में मिठाई और उपहार बाँटे जाते है साथ ही शाम को जमके आतिशबाजी की जाती है। चौथा दिन गोवर्धन पूजा के लिये होता है जिसमें भगवान कृष्ण की आराधना की जाती है। लोग गायों के गोबर से अपनी दहलीज पर गोवर्धन बनाकर पूजा करते है। ऐसा माना जाता है कि भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी उँगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर अचानक आयी वर्षा से गोकुल के लोगों को बारिश के देवता इन्द्रराज से बचाया था। पाँचवें दिन को हम लोग जामा द्वितीय या भैया दूज के नाम से जानते है। ये भाई-बहनों का त्योहार होता है। अलग देशों में दीवाली का त्योहार ब्रिटेन:-ब्रिटेन में भारतीय की संख्या ज्यादा है। यह पर्व वह भी बहुत धूम धाम से मनाया जाता है। ब्रिटेन में स्वामी नारायण का मंदिर है जहाँ मुख्य रूप से यह त्यौहार मनाया जाता है। मलेशिया:-मलेशिया में दीवाली के दूसरे दिन दूसरे धर्म के लोगों को घर में दावत दी जाती है। मॉरीशस:-मॉरीशस में बड़ी मात्रा में हिंदू रहते हैं। दीपावली के दिन वहां पर सरकारी अवकाश होता है। दीवाली भारत का एक राष्ट्रीय एवं सांस्कृतिक पर्व है। इस त्यौहार को हिन्दू, मुस्लिम ,सिख और ईसाई सभी मिलकर मनाते हैं। दीपावली के दौरान लोग अपने घर और कार्य स्थली की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई करते है। आमजन की ऐसी मान्यता है कि हर तरफ रोशनी और खुले खिड़की दरवाजों से देवी लक्ष्मी उनके लिये ढेर सारा आशीर्वाद, सुख, संपत्ति और यश लेकर आएंगी। इस त्योहार में लोग अपने घरों को सजाने के साथ रंगोली से अपने प्रियजनों का स्वागत करते है। नये कपड़ों, खुशबूदार पकवानों, मिठाइयों और पटाखों से पाँच दिन का ये उत्सव और चमकदार हो जाता है। स्वच्छता का प्रतीक दीपावली जहाँ रौनक और ज्ञान का प्रतीक है वही स्वच्छता का प्रतीक भी है। घरों में पिम्स, मच्छर, खटमल, आदि विषैले किटाणु धीरे-धीरे अपना घर बना लेते हैं। मकड़ी के जाले लग जाते है लोग इनकी सफाई करा देते है और घर की रंगाई फर्श की सफाई सब कर देते है। इस दिन हर जगह स्वच्छता ही दिखाई देती है। सबके घरों का एक-एक कोना साफ़ होता है। और रौनक जगमगा उठती है। घी के दिए की खुशबू पूरे वातावरण में फैली होती है। सबके मन में नई ऊर्जा और नया उत्साह जन्म लेता है। लोग अपनी बुराइयों को त्याग कर अच्छे और सच्चे राह पर चलने की कामना करते है। निष्कर्ष गणेश को शुभ शुरुआत के देवता और लक्ष्मी को धन की देवी कहा गया है। इस अवसर पर पटाखे मुख्य आकर्षण हैं। पड़ोसियों, मित्रों और रिश्तेदारों को घरों और मिठाई वितरण में पकाया स्वादिष्ट भोजन दीवाली उत्सव का हिस्सा हैं। लोग सड़कों, बाजारों, घरों और परिवेश में समृद्धि और कल्याण की इच्छा के लिए तेल से भरे प्रकाश की मिट्टी के साथ दीवाली का स्वागत करते हैं। दीवाली की रात को लोग अपने घरों के दरवाजे खुल गए क्योंकि वे देवी लक्ष्मी की यात्रा की उम्मीद करते हैं। दिवाली निबंध 6 700 शब्द प्रस्तावना भारत एक ऐसा देश है जहाँ सबसे ज्यादा त्योहार मनाये जाते है, यहाँ विभिन्न धर्मों के लोग अपने-अपने उत्सव और पर्व को अपने परंपरा और संस्कृति के अनुसार मनाते है। दीवाली हिन्दू धर्म के लिये सबसे महत्वपूर्ण, पारंपरिक, और सांस्कृतिक त्योहार है जिसको सभी अपने परिवार, मित्र और पड़ोसियों के साथ पूरे उत्साह से मनाते है। दीपावली को रोशनी का त्योहार भी कहा जाता है। दीपावली, भारत में हिन्दुओं द्वारा मनाया जाने वाला सबसे बड़ा त्योहार है। दीपावली कब और क्यों आता है? On the occasion of Diwali, people share gifts, sweets, cakes and many other things and give their best wishes for Diwali. This is how the five days of Diwali are celebrated. Mai asha karti hu apko ye diwali essay in hindi pasand aaya hoga par fir bhi apko koi samasya hai is lekh se sambhdhit to aap hume humari website me bata sakte hai.

Next

दिवाली पर्व 2018

essay on diwali in hindi

Countless number of lamps are lighted at night. And the last day is Bhai dooj on which sisters put 'roli teeka' on their brother's forehead and pray for their well being. Short Essay on Diwali in English and Hindi Composed By Class 2,3 in 500 words Essay on Diwali in English,Hindi in Short Words Love Rangoli Designs? दीपों और रौशनी का यह त्यौहार यहां पूरे देश में धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है और यहां पर इको फ्रेंडली पटाखे जलाए जाते हैं. Many events on Diwali takes place in the schools by the kids 2 week before the main date of Diwali. This day celebrates love and devotion between husband and wife.

Next

Essay on Diwali in Hindi Language 2018

essay on diwali in hindi

It is celebrated to commemorate the returning of Lord Rama to the Kingdom after the 14 years of exile. दीपावली का महत्त्व । 1. Diwali is also considered as Harvest Festival since it falls at the end of the cropping season. It is the glorious occasion that is not restricted to one day, but extended to a five-day celebration. There are many Topics and Examples For Essay On Diwali.

Next

Diwali Essay in Hindi: दिवाली पर निबंध हिंदी भाषा में

essay on diwali in hindi

My favourite festival wikipedia essay writing essay on festival play. In India, Diwali is a big festival. इलेक्ट्रिक झालरों की जगह दीपों का अधिक उपयोग करके आज के समय में हमें दिवाली पर इलेक्ट्रानिक झालरों के जगह दीपों का अधिक से अधिक उपयोग करने की आवश्यकता है। ऐसा नहीं है कि हमें इलेक्ट्रानिक वस्तुओं का उपयोग पूर्ण रूप से बंद कर देना चाहिए परन्तु हमें पारंपरिक वस्तुओं से इनका तालमेल बैठाकर सही मात्रा में उपयोग करना चाहिए। यह ना सिर्फ हमारे देश के छोटे व्यापारियों और कुम्हारों को आर्थिक रुप से सुदृढ़ बनाकर देश की अर्थव्यवस्था को आगे बढ़ाने का कार्य करता है बल्कि दिवाली के पारंपरिक रुप को भी बनाये रखता है। 3. Buddhism, Hindi, Hindu 2230 Words 5 Pages Essays are generally scholarly pieces of writing written from an author's personal point of view, but the definition is vague, overlapping with those of an article, a pamphlet and a short story. कुछ लोग जुआ खेलते-खेलते अपना सर्वस्वा केवल एक रात में ही गवा देते है.

Next

Hindi Essay on Diwali दीपावली Dipawali Hindi Nibandh ⚝⚝⚝

essay on diwali in hindi

These five days of happiness and good luck in people lives and people wait for next year when these festivals will be honored again. दीपावली क्यों मनाई जाती है? Recommended: Diwali essay in Hindi 3 This essay is in roman hindi, we will be uploading one diwali essay in hindi font here. पहला दिन :- धनतेरस Dhanteras दीवाली का पहला दिन धनतेरस होता है और इस दिन स्वास्थ्य और आरोग्य के देवता धन्वंतरी की पूजा की जाती है इस दिन नए बर्तन, सोना-चांदी और गहने खरीदे जाते है लोग इस दिन घर में नई-नई चीजें लाते है दूसरा दिन :- चौदस या छोटी दिवाली दीवाली का दूसरा दिन रूप चौदस होता है इस दिन महिलाएं सजती-संवरती है क्योंकि यह रूप का दिन है और रूप का महत्व महिलाओं से ज्यादा और कौन जानता है नहाने से पहले उबटन लगाया जाता है तीसरा दिन :- दिवाली Diwali Festival तीसरा दिन खुद दीवाली होता है. . Since with certainity and for with uncertainity कोई नहीं. यह पर्व बुराई पर अच्छाई की जीते के प्रतीक दशहरा पर्व के ठीक 20 दिन बाद मनाया जाता है क्योंकि राम जी रावण का वध करने के 20 दिन बाद ही अयोध्या लौटे थे. On the third and the main Diwali day idols of Ganesha and Lakshmi are worshiped Lakshmi Puja.


Next

Diwali Essay in Hindi

essay on diwali in hindi

People enlighten their home and pathways with the clay diyas to remove the single bit of the darkness and to welcome the Goddess Lakshmi. It is an official essay in about a dozen telugu, while the other festive days are regionally hindi as either public or optional restricted holidays in India. Lots of people also start new ventures on this day after performing Lakshmi Puja. बहन अपने भाई के मस्तक पर तिलक लगाकर उसकी सलामती की प्रार्थना करती हैं. Devanagari, Konkani language, Latin alphabet 785 Words 6 Pages and a few minor language families and isolates. Diwali, God, Hinduism 821 Words 4 Pages probably noticed, essay writing assignments can pop up in any class. Citation, Essay, Marketing 1150 Words 4 Pages Sosyalismo at Komunismo.

Next

Short Essay on Diwali in English and Hindi For Class Students

essay on diwali in hindi

तो वह ग्रेट ब्रिटेन का लिसेस्टर शहर यहां हमारे देश की तरह ही लोग रात को दिए जलाते हैं. People who have asthma and health problems struggle a lot during Diwali because of the smoke produced around us due to crackers. Thousands of oil lamps, fireworks, lavish feasts, fragrant flowers and colored sand in the form of lotus blossoms adorn India in this annual homecoming that is Diwali. Tanya Dogra Deepavali - The Brightest Festival Diwali, popularly called Deepavali in some parts of India, is a festival which we all long for every year. यह बहुत हर्षोल्लास का त्यौहार है आज की इस पोस्ट में हम दीवाली के बारे में सब कुछ जानेंगे जैसे की यह पर्व क्यों मनाया जाता है, इसका महत्व क्या है, इसके पांचो दिनों के बारे में आदि. Western, central, eastern and northern Indian communities observe Diwali on the third day and the darkest night of the traditional month.


Next

Hindi Essay on Diwali दीपावली Dipawali Hindi Nibandh ⚝⚝⚝

essay on diwali in hindi

Information gathering skills 13 4. The king wanted Rama to become king but one of his wives asked that her son be made king and Rama to be sent into the forest for 14 years. Diwali is the festival of Goddess Laxmi. People offer puja to the Goddess Lakshmi to get more blessings for the bright future and prosperity. In 1997 the Vira-Nirvana Year 2524 will begin on Diwali.

Next

2018 दीवाली त्यौहार पर निबंध Essay on Diwali Festival in Hindi

essay on diwali in hindi

दीपावली-प्रकाश उत्सव । Essay on Diwali for Teachers in Hindi Language Hindu Festival हिन्दू धर्म में यों तो रोजाना कोई न कोई पर्व होता है लेकिन इन पर्वों में मुख्य त्यौहार होली, दशहरा और दीपावली ही हैं । हमारे जीवन में प्रकाश फैलाने वाला दीपावली का त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या के दिन मनाया जाता है । इसे ज्योति पर्व या प्रकाश उत्सव भी कहा जाता है । इस दिन अमावस्या की अंधेरी रात दीपकों व मोमबत्तियों के प्रकाश से जगमगा उठती है । वर्षा ऋतु की समाप्ति के साथ-साथ खेतों में खड़ी धान की फसल भी तैयार हो जाती है । दीपावली का त्यौहार कार्तिक मास की अमावस्या को आता है । इस पर्व की विशेषता यह है कि जिस सप्ताह में यह त्यौहार आता है उसमें पांच त्यौहार होते हैं । इसी वजह से सप्ताह भर लोगों में उल्लास व उत्साह बना रहता है । दीपावली से पहले धन तेरस पर्व आता है । मान्यता है कि इस दिन कोई-न-कोई नया बर्तन अवश्य खरीदना चाहिए । इस दिन नया बर्तन खरीदना शुभ माना जाता है । इसके बाद आती है छोटी दीपावली, फिर आती है दीपावली । इसके अगले दिन गोवर्द्धन पूजा तथा अन्त में आता है भैयादूज का त्यौहार । अन्य त्यौहारों की तरह दीपावली के साथ भी कई धार्मिक तथा ऐतिहासिक घटनाएं जुड़ी हुई हैं । समुद्र-मंथन करने से प्राप्त चौदह रत्नों में से एक लक्ष्मी भी इसी दिन प्रकट हुई थी । इसके अलावा जैन मत के अनुसार तीर्थंकर महावीर का महानिर्वाण भी इसी दिन हुआ था । भारतीय संस्कृति के आदर्श पुरुष श्री राम लंका नरेश रावण पर विजय प्राप्त कर सीता लक्ष्मण सहित अयोध्या लौटे थे उनके अयोध्या आगमन पर अयोध्यावासियों ने भगवान श्रीराम के स्वागत के लिए घरों को सजाया व रात्रि में दीपमालिका की । ऐतिहासिक दृष्टि से इस दिन से जुड़ी महत्वपूर्ण घटनाओं में सिक्खों के छठे गुरु हरगोविन्दसिंह मुगल शासक औरंगजेब की कारागार से मुक्त हुए थे । राजा विक्रमादित्य इसी दिन सिंहासन पर बैठे थे । सर्वोदयी नेता आचार्य विनोबा भावे दीपावली के दिन ही स्वर्ग सिधारे थे । आर्य समाज के संस्थापक स्वामी दयानन्द तथा प्रसिद्ध वेदान्ती स्वामी रामतीर्थ जैसे महापुरुषों ने इसी दिन मोक्ष प्राप्त किया था । यह त्यौहार बड़े उत्साह के साथ मनाया जाता है । इस दिन लोगों द्वारा दीपों व मोमबत्तियाँ जलाने से हुए प्रकाश से कार्तिक मास की अमावस्या की रात पूर्णिमा की रात में बदल जाती है । इस त्यौहार के आगमन की प्रतीक्षा हर किसी को होती है । सामान्यजन जहां इस पर्व के आने से माह भर पहले ही घरों की साफ-सफाई, रंग-पुताई में जुट जाते हैं । वहीं व्यापारी तथा दुकानदार भी अपनी-अपनी दुकानें सजाने लगते हैं । इसी त्यौहार से व्यापारी लोग अपने बही-खाते शुरू किया करते हैं । इस दिन बाजार में मेले जैसा माहौल होता है । बाजार तोरणद्वारों तथा रंग-बिरंगी पताकाओं से सजाये जाते हैं । मिठाई तथा पटाखों की दुकानें खूब सजी होती हैं । इस दिन खील-बताशों तथा मिठाइयों की खूब बिक्री होती है । बच्चे अपनी इच्छानुसार बम, फुलझड़ियां तथा अन्य आतिशबाजी खरीदते हैं । इस दिन रात्रि के समय लक्ष्मी पूजन होता है । माना जाता है कि इस दिन रात को लक्ष्मी का आगमन होता है । लोग अपने इष्ट-मित्रों के यहां मिठाई का आदान-प्रदान करके दीपावली की शुभकानाएँ लेते-देते हैं । वैज्ञानिक दृष्टि से भी इस त्यौहार का अपना एक अलग महत्व है । इस दिन छोड़ी जाने वाली आतिशबाजी व घरों में की जाने वाली सफाई से वातावरण में व्याप्त कीटाणु समाप्त हो जाते हैं । मकान और दुकानों की सफाई करने से जहां वातावरण शुद्ध हो जाता है वहीं वह स्वास्थ्यवर्द्धक भी हो जाता है । कुछ लोग इस दिन जुआ खेलते हैं व शराब पीते हैं, जोकि मंगलकामना के इस पर्व पर एक तरह का कलंक है । इसके अलावा आतिशबाजी छोड़ने के दौरान हुए हादसों के कारण दुर्घटनाएं हो जाती हैं जिससे धन-जन की हानि होती है । इन बुराइयों पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है । 3. प्रत्येक वर्ष भारतवर्ष एवं दुनिया के अन्य देशों में जहा की हिन्दू समुदाय के लोग रहते है वे दिवाली पर्व बड़े ही हर्सोल्लास के साथ मानते है. The diwali diwali marks a major wikipedia day to purchase new utensils, home equipment, hindi, firecrackers and other items. We start our Diwali evening by praying. Bohm Dialogue, Conversation, Dialogue 2498 Words 7 Pages. Many festivals are celebrated here with great pomp and show. Making of Hindi as a modern language connects to the programme of the imagining the.

Next